📰 Finance News
📈 ET Markets 💹 Market News 📊 BSE India
Headlines
Share Market Live
LIVE
Mon-Fri 9:15 AM - 3:30 PM IST | TradingView

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: तारीख, समय, संवत 2083 और निवेशकों के लिए पूरी गाइड

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 - दिवाली पर गेंदे के फूलों से सजे जलते दीये

जयपुर के दिनेश खंडेलवाल की किराने की दुकान है। पिछले 15 साल से उनका एक नियम है — दिवाली की शाम लक्ष्मी पूजन के बाद वे बही-खाते की नई किताब खोलते हैं और पहले पन्ने पर “शुभ लाभ” लिखते हैं। इस बार उनकी बेटी प्रिया, जो एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करती है और पिछले साल से SIP कर रही है, ने उनसे कहा — “पापा, शेयर बाज़ार में भी दिवाली पर एक घंटे का स्पेशल सेशन होता है, मुहूर्त ट्रेडिंग। इस बार उसमें आपके नाम से पहला शेयर खरीदते हैं।”

दिनेश जी का पहला सवाल था — “रविवार को बाज़ार खुलता है क्या? और एक घंटे में क्या होगा?” दूसरा सवाल था — “कहीं इसमें पैसा डूब तो नहीं जाएगा?”

अगर आपके मन में भी ऐसे ही सवाल हैं, तो यह गाइड आपके लिए है। यहाँ हम आसान भाषा में समझेंगे कि मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 कब है, इसका समय कब और कैसे पता चलेगा, संवत 2083 का मतलब क्या है, इस एक घंटे में ऑर्डर कैसे लगता है, पैसा और शेयर कब आते हैं, और सबसे ज़रूरी — किन गलतियों से बचना है।

नोट: यह जानकारी 13 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक सूचना और विश्वसनीय रिपोर्ट्स पर आधारित है। NSE और BSE मुहूर्त ट्रेडिंग का सटीक समय अलग सर्कुलर से बताते हैं। समय घोषित होते ही इस पोस्ट को अपडेट किया जाएगा।

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: एक नज़र में

जानकारीविवरण
तारीखरविवार, 8 नवंबर 2026
मौकादिवाली – लक्ष्मी पूजन
नया हिंदू वर्षसंवत 2083 की शुरुआत
एक्सचेंजNSE और BSE, दोनों
सेशन की अवधिलगभग 1 घंटे का मुख्य ट्रेडिंग सेशन
सटीक समयएक्सचेंज अलग सर्कुलर से घोषित करेंगे (13 अक्टूबर 2026 तक घोषित नहीं)
सेटलमेंटइस सेशन के सभी सौदों पर सामान्य सेटलमेंट की ज़िम्मेदारी बनती है
अगली बाज़ार छुट्टीमंगलवार, 10 नवंबर 2026 (दिवाली बलिप्रतिपदा)

मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है?

मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के दिन होने वाला शेयर बाज़ार का एक खास, छोटा सेशन है। आम दिनों में NSE और BSE सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक खुलते हैं। दिवाली लक्ष्मी पूजन के दिन नियमित ट्रेडिंग नहीं होती, लेकिन एक्सचेंज लगभग एक घंटे के लिए बाज़ार खोलते हैं ताकि निवेशक “शुभ मुहूर्त” में नए साल का पहला सौदा कर सकें।

इसे ऐसे समझिए — जैसे व्यापारी दिवाली पर नई बही की पूजा करके नए साल का हिसाब शुरू करते हैं, वैसे ही शेयर बाज़ार में यह एक घंटा नए हिंदू वित्तीय वर्ष की प्रतीकात्मक शुरुआत है। बहुत से परिवार इस दिन एक-दो शेयर या ETF की यूनिट “शगुन” के तौर पर खरीदते हैं।

सबसे ज़रूरी बात यह है कि मुहूर्त ट्रेडिंग कोई “दिखावटी” या नकली सेशन नहीं है। इसमें होने वाले सौदे बिल्कुल असली होते हैं। आप जो खरीदेंगे, उसका पैसा कटेगा और शेयर आपके डीमैट खाते में आएंगे। जो बेचेंगे, उसके शेयर जाएंगे और पैसा आएगा।

दिवाली की रात जलते मिट्टी के दीये - संवत 2083 की शुरुआत और मुहूर्त ट्रेडिंग
दिवाली के दिन संवत 2083 शुरू होगा, और मुहूर्त ट्रेडिंग इसी नए साल का पहला सेशन मानी जाती है।

संवत 2083 क्या है?

भारत में अंग्रेज़ी कैलेंडर (जनवरी-दिसंबर) और सरकारी वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) के अलावा एक पारंपरिक कैलेंडर भी चलता है — विक्रम संवत। यह अंग्रेज़ी कैलेंडर से 57 साल आगे चलता है। इसीलिए 2026 की दिवाली से शुरू होने वाला नया साल संवत 2083 कहलाएगा (2026 + 57 = 2083)।

गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और मारवाड़ी व्यापारी परिवारों में बहुत से लोग अपना व्यापारिक साल दिवाली से दिवाली तक गिनते हैं। शेयर बाज़ार में भी विश्लेषक अक्सर “संवत 2082 में बाज़ार कैसा रहा” या “संवत 2083 के लिए आउटलुक” जैसी बातें करते हैं। यानी पिछली दिवाली से इस दिवाली तक बाज़ार का प्रदर्शन।

मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा कब से है?

उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, BSE ने दिवाली मुहूर्त सेशन की शुरुआत 1957 में की थी और NSE ने 1992 में यह परंपरा अपनाई। यानी यह परंपरा कई दशक पुरानी है। उस ज़माने में शेयर ब्रोकर भी दिवाली पर अपनी नई बही खोलते थे, और यही रीति धीरे-धीरे एक्सचेंज के आधिकारिक सेशन में बदल गई।

आज के समय में ज़्यादातर लोग मोबाइल ऐप से ट्रेड करते हैं, इसलिए यह परंपरा अब बड़े शहरों के ट्रेडर्स तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों के नए निवेशक भी इस एक घंटे में हिस्सा लेने लगे हैं।

2026 में मुहूर्त ट्रेडिंग कब और किस समय होगी?

NSE ने 2026 की ट्रेडिंग छुट्टियों की जो सूची जारी की है, उसमें साफ़ लिखा है कि रविवार, 8 नवंबर 2026 को दिवाली लक्ष्मी पूजन है और इसी दिन मुहूर्त ट्रेडिंग होगी। लेकिन इसका सटीक समय एक्सचेंज बाद में एक अलग सर्कुलर से बताएंगे।

अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक जो विश्वसनीय रिपोर्ट्स उपलब्ध हैं, उनके अनुसार समय अभी घोषित नहीं हुआ था। इंटरनेट पर कुछ वेबसाइटें पहले से “शाम 6 से 7 बजे” जैसा समय पक्का बताकर लिख रही हैं — इन पर भरोसा न करें। जब तक NSE या BSE का आधिकारिक सर्कुलर न आए, कोई भी समय सिर्फ़ अंदाज़ा है।

यह सावधानी क्यों ज़रूरी है? 2025 का उदाहरण

ज़्यादातर सालों में मुहूर्त ट्रेडिंग शाम को होती रही है। जैसे 2024 में यह 1 नवंबर को शाम 6 से 7 बजे तक हुई थी। लेकिन 2025 में तस्वीर बदल गई। NSE ने 22 सितंबर 2025 के सर्कुलर में बताया कि मुहूर्त ट्रेडिंग मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को दोपहर 1:45 से 2:45 बजे तक होगी, और प्री-ओपन सेशन 1:30 से 1:45 बजे तक रहेगा।

यानी जो लोग “हर साल शाम को होती है” मानकर बैठे थे, अगर वे सर्कुलर नहीं देखते, तो पूरा सेशन ही निकल जाता। इसलिए 2026 में भी समय पहले से मानकर न चलें।

आधिकारिक समय कैसे पता करें?

  1. NSE की वेबसाइट: nseindia.com पर “Circulars” सेक्शन में “Muhurat Trading” खोजें।
  2. BSE की वेबसाइट: bseindia.com पर नोटिस सेक्शन देखें।
  3. अपने ब्रोकर का ऐप: Zerodha, Groww, Upstox जैसे ब्रोकर समय घोषित होते ही ऐप में नोटिफिकेशन और ईमेल भेजते हैं।
  4. सर्कुलर की तारीख देखें: कोई भी खबर पढ़ें तो देखें कि उसमें 2026 के सर्कुलर का हवाला है या पुराने साल का।

पिछले साल NSE ने दिवाली से लगभग एक महीना पहले समय बता दिया था। 2026 में दिवाली 8 नवंबर को है, इसलिए अक्टूबर के आखिर तक या नवंबर की शुरुआत में सर्कुलर आने की उम्मीद रखी जा सकती है — लेकिन यह सिर्फ़ अनुमान है, पक्की तारीख नहीं।

पिछले सालों में मुहूर्त ट्रेडिंग कब हुई?

नीचे पिछले कुछ सालों की तारीखें दी गई हैं, ताकि आप समझ सकें कि दिवाली की तारीख हर साल बदलती है और उसी के साथ मुहूर्त ट्रेडिंग का दिन भी।

सालसंवत (जो शुरू हुआ)मुहूर्त ट्रेडिंग की तारीखसमय (मुख्य सेशन)
2020संवत 207714 नवंबर 2020शाम का सेशन
2021संवत 20784 नवंबर 2021शाम का सेशन
2022संवत 207924 अक्टूबर 2022शाम का सेशन
2023संवत 208012 नवंबर 2023शाम का सेशन
2024संवत 20811 नवंबर 2024शाम 6:00 – 7:00
2025संवत 208221 अक्टूबर 2025दोपहर 1:45 – 2:45
2026संवत 20838 नवंबर 2026 (रविवार)घोषणा बाकी
स्क्रीन पर शेयर बाजार का डिजिटल चार्ट - मुहूर्त ट्रेडिंग का इतिहास और पिछले सालों की तारीखें
हर साल दिवाली की तारीख के साथ मुहूर्त ट्रेडिंग का दिन और समय बदलता है।

2026 की एक खास बात यह है कि दिवाली रविवार को पड़ रही है। आम तौर पर रविवार को बाज़ार बंद रहता है, लेकिन मुहूर्त ट्रेडिंग इस नियम का अपवाद है। इसके बाद सोमवार, 9 नवंबर को सामान्य ट्रेडिंग होनी चाहिए और मंगलवार, 10 नवंबर को दिवाली बलिप्रतिपदा की छुट्टी है। अपनी प्लानिंग में यह छुट्टी ज़रूर ध्यान रखें, खासकर अगर आप F&O में पोज़ीशन रखते हैं।

मुहूर्त ट्रेडिंग का सेशन कैसे बंटा होता है?

“एक घंटे का सेशन” सुनकर लगता है कि बस 60 मिनट बाज़ार खुलेगा। असल में यह कुछ हिस्सों में बंटा होता है, बिल्कुल आम दिन की तरह, बस छोटे रूप में। 2025 के सर्कुलर के उदाहरण से समझिए:

  • ब्लॉक डील सेशन: बड़े संस्थागत सौदों के लिए छोटी विंडो। आम निवेशक को इससे मतलब नहीं होता।
  • प्री-ओपन सेशन (लगभग 15 मिनट): इसमें ऑर्डर लिए जाते हैं और शेयर का शुरुआती भाव तय होता है। 2025 में यह 1:30 से 1:45 बजे तक था।
  • नॉर्मल मार्केट सेशन (लगभग 1 घंटा): यही असली मुहूर्त ट्रेडिंग है, जिसमें आप आम दिनों की तरह खरीद-बिक्री करते हैं। 2025 में यह 1:45 से 2:45 बजे तक था।
  • क्लोज़िंग / पोस्ट-क्लोज़िंग सेशन: इसमें क्लोज़िंग प्राइस तय होता है और उसी भाव पर कुछ ऑर्डर लगाए जा सकते हैं।

F&O (फ्यूचर्स और ऑप्शंस), करेंसी और कमोडिटी सेगमेंट में भी उसी दौरान ट्रेडिंग होती है। 2026 के लिए हर हिस्से का सटीक समय सर्कुलर में ही आएगा।

मुहूर्त ट्रेडिंग में ऑर्डर कैसे लगाएं? (स्टेप-बाय-स्टेप)

अगर आपके पास पहले से डीमैट और ट्रेडिंग खाता है, तो प्रक्रिया लगभग वैसी ही है जैसी किसी भी आम दिन होती है। फ़र्क़ बस इतना है कि समय कम है और भीड़ ज़्यादा।

मोबाइल ट्रेडिंग ऐप पर शेयर का चार्ट - मुहूर्त ट्रेडिंग में ऑर्डर कैसे लगाएं
मुहूर्त ट्रेडिंग में ऑर्डर उसी ब्रोकर ऐप से लगता है जिससे आप रोज़ ट्रेड करते हैं।

स्टेप 1: पहले से खाता तैयार रखें

अगर आपका डीमैट खाता नहीं है, तो दिवाली से कुछ दिन पहले ही खुलवा लें। KYC पूरी होने और खाता एक्टिव होने में समय लग सकता है। आखिरी दिन खाता खोलने की कोशिश करेंगे तो शायद उस दिन ट्रेड न कर पाएं। ब्रोकर चुनने में मदद के लिए आप हमारी Zerodha Review 2026 और Groww App Review 2026 पढ़ सकते हैं।

स्टेप 2: खाते में पैसा पहले डाल दें

सेशन के दौरान UPI या नेट बैंकिंग से फंड जोड़ने में कभी-कभी देरी हो सकती है, क्योंकि उस समय लाखों लोग एक साथ ऐप खोल रहे होते हैं। इसलिए जितना निवेश करना है, वह रकम एक दिन पहले ही ट्रेडिंग खाते में डाल दें।

स्टेप 3: शेयर या ETF पहले से तय कर लें

एक घंटे में रिसर्च करने का समय नहीं होता। जो शेयर, इंडेक्स ETF या गोल्ड ETF खरीदना है, उसकी लिस्ट पहले बना लें और ऐप की वॉचलिस्ट में जोड़ दें।

स्टेप 4: डिलीवरी (CNC) ऑर्डर चुनें

अगर आप लंबे समय के लिए “शगुन” वाला निवेश कर रहे हैं, तो ऑर्डर टाइप में Delivery / CNC चुनें, Intraday / MIS नहीं। इंट्राडे पोज़ीशन ब्रोकर के नियम के मुताबिक़ सेशन खत्म होने से पहले अपने-आप बंद (स्क्वेयर-ऑफ) हो सकती है। इंट्राडे और डिलीवरी का फ़र्क़ विस्तार से समझने के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है और कैसे करें वाली गाइड देखें।

स्टेप 5: लिमिट ऑर्डर लगाएं

मुहूर्त ट्रेडिंग में कई शेयरों में वॉल्यूम कम रहता है और भाव तेज़ी से ऊपर-नीचे हो सकता है। मार्केट ऑर्डर लगाने पर आपको उम्मीद से महंगा भाव मिल सकता है। इसलिए लिमिट ऑर्डर लगाएं, यानी वह अधिकतम भाव खुद तय करें जिस पर आप खरीदना चाहते हैं।

स्टेप 6: कन्फर्मेशन ज़रूर चेक करें

ऑर्डर लगाने के बाद “Orders” सेक्शन में देखें कि वह “Executed” हुआ या अभी “Pending” है। सेशन खत्म होने के बाद पेंडिंग ऑर्डर आम तौर पर रद्द हो जाते हैं। अगले दिन कॉन्ट्रैक्ट नोट ईमेल पर आता है, उसे संभालकर रखें।

सेटलमेंट, चार्ज और टैक्स: पैसा और शेयर कब आएंगे?

सेटलमेंट

एक्सचेंज के सर्कुलर में साफ़ कहा जाता है कि मुहूर्त ट्रेडिंग में होने वाले सभी सौदों पर सेटलमेंट की ज़िम्मेदारी बनती है। भारत में इक्विटी कैश सेगमेंट में T+1 सेटलमेंट चलता है, यानी सौदे के अगले सेटलमेंट कार्यदिवस पर शेयर और पैसा अपने-अपने खाते में पहुंचते हैं।

2026 में दिवाली रविवार को है और मंगलवार, 10 नवंबर को बाज़ार की छुट्टी है। ऐसे में शेयर आपके डीमैट में किस दिन दिखेंगे, यह एक्सचेंज के सेटलमेंट कैलेंडर पर निर्भर करेगा। अगर आपने मुहूर्त पर शेयर खरीदा है और उसे जल्दी बेचना चाहते हैं, तो अपने ब्रोकर से सेटलमेंट की तारीख कन्फर्म कर लें।

चार्ज

मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए कोई अलग “स्पेशल फीस” नहीं लगती। आम दिनों की तरह ही ब्रोकरेज, STT, एक्सचेंज ट्रांज़ैक्शन चार्ज, SEBI फीस, स्टैंप ड्यूटी और GST लगते हैं। डिलीवरी पर DP चार्ज बेचने के समय लगता है। आपके ब्रोकर का चार्ज स्ट्रक्चर जो रोज़ लागू है, वही उस दिन भी लागू होगा।

छोटी रकम के निवेश में चार्ज का असर ज़्यादा दिखता है। मान लीजिए आपने ₹500 का एक शेयर खरीदा और ब्रोकर हर ऑर्डर पर ₹20 लेता है, तो सिर्फ़ ब्रोकरेज ही 4% हो गया। इसलिए ऑर्डर से पहले अपने ब्रोकर की डिलीवरी ब्रोकरेज ज़रूर देख लें।

टैक्स

मुहूर्त ट्रेडिंग में कमाए गए मुनाफ़े पर टैक्स के नियम वही हैं जो साल के बाकी दिनों में होने वाले सौदों पर हैं। शेयर कितने समय तक रखा, उसके आधार पर शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन बनता है, और इंट्राडे मुनाफ़ा अलग तरह से गिना जाता है। टैक्स की मौजूदा दरें और छूट की सीमा आयकर विभाग की वेबसाइट या अपने CA से वेरिफ़ाई करें, क्योंकि नए Income Tax Act 2025 के बाद कई नियमों की भाषा और ढांचा बदला है। इस बारे में हमारी पोस्ट नया Income Tax Act 2025: 1 अप्रैल 2026 से क्या बदला? भी मददगार रहेगी।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग से पूरे साल का बाज़ार तय होता है?

यह सबसे बड़ा भ्रम है। हर साल दिवाली के आसपास खबरें आती हैं — “मुहूर्त ट्रेडिंग में सेंसेक्स इतने अंक चढ़ा, नए संवत की शुभ शुरुआत।” इससे बहुत से नए निवेशक मान लेते हैं कि अगर मुहूर्त पर बाज़ार हरा बंद हुआ तो पूरा साल अच्छा जाएगा।

हकीकत यह है कि एक घंटे का बाज़ार पूरे साल की दिशा नहीं बताता। इसकी तीन वजहें हैं:

  1. वॉल्यूम कम होता है: बहुत से बड़े संस्थागत निवेशक इस सेशन में सीमित हिस्सा लेते हैं। कम वॉल्यूम में भाव का ऊपर-नीचे होना आसान होता है।
  2. भावनाएं हावी रहती हैं: लोग शगुन के लिए खरीदते हैं, बेचने वाले कम होते हैं। इससे थोड़ी देर के लिए बाज़ार में सकारात्मक माहौल बन सकता है, लेकिन यह कंपनियों की असली कमाई या अर्थव्यवस्था की हालत नहीं बदलता।
  3. साल में करीब 245 ट्रेडिंग दिन होते हैं: एक दिन के एक घंटे से बाकी लगभग 244 दिनों का अंदाज़ा लगाना तर्कसंगत नहीं है। ब्याज दर, महंगाई, कंपनियों के नतीजे, सरकार की नीतियां और विदेशी निवेश — असली असर इन्हीं का होता है।

इसलिए मुहूर्त ट्रेडिंग को एक अच्छी परंपरा और निवेश की शुरुआत का बहाना मानें, भविष्यवाणी का तरीका नहीं।

किसके लिए क्या सही रहेगा?

लैपटॉप और स्मार्टफोन पर शेयर बाजार का विश्लेषण करता निवेशक - मुहूर्त ट्रेडिंग में जोखिम और सावधानियां
मुहूर्त ट्रेडिंग में जल्दबाज़ी नहीं, पहले से बनी योजना काम आती है।

लंबी अवधि के निवेशक

अगर आप 5-10 साल या उससे ज़्यादा के लिए निवेश करते हैं, तो मुहूर्त ट्रेडिंग आपके लिए एक अच्छा “रिव्यू डे” हो सकता है। इस दिन नया शेयर खरीदने से ज़्यादा ज़रूरी है अपने पोर्टफ़ोलियो पर एक नज़र डालना — कौन-सा निवेश लक्ष्य से भटक गया, कहाँ बहुत ज़्यादा पैसा एक ही सेक्टर में है, SIP बढ़ाने की गुंजाइश है या नहीं। अगर कुछ खरीदना है, तो जानी-पहचानी, मज़बूत कंपनियों या इंडेक्स ETF में छोटी रकम लगाना एक संतुलित तरीका माना जाता है।

नए निवेशक

अगर आप पहली बार शेयर बाज़ार में कदम रख रहे हैं, तो मुहूर्त का दिन एक अच्छी शुरुआत हो सकता है — बशर्ते रकम छोटी हो और उम्मीदें ज़मीन पर हों। पहले सौदे से आप ऑर्डर लगाना, कॉन्ट्रैक्ट नोट समझना और डीमैट में शेयर आते देखना सीखते हैं। यही अनुभव असली फ़ायदा है। “इस बार दिवाली पर ऐसा शेयर लो जो दोगुना कर दे” वाली सलाह से बचें।

ट्रेडर्स

एक्टिव ट्रेडर्स के लिए यह सेशन जोखिम भरा हो सकता है। कम वॉल्यूम के कारण स्प्रेड (खरीद और बिक्री भाव के बीच का अंतर) बड़ा हो सकता है और स्टॉप-लॉस उम्मीद से बुरे भाव पर लग सकता है। F&O पोज़ीशन रखते हैं तो ध्यान रखें कि 10 नवंबर की छुट्टी के कारण बीच में बाज़ार बंद रहेगा, और उस दौरान दुनिया के बाज़ारों में जो होगा, उसका असर अगले सेशन की ओपनिंग पर दिख सकता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग में होने वाली आम गलतियां

  • समय मानकर बैठ जाना: “हमेशा शाम को होता है” — 2025 ने दिखा दिया कि यह ज़रूरी नहीं।
  • आखिरी मिनट में खाता खुलवाना: KYC या बैंक लिंकिंग अटक गई तो दिन निकल जाएगा।
  • मार्केट ऑर्डर लगाना: कम वॉल्यूम वाले शेयरों में यह महंगा पड़ सकता है।
  • टिप्स के पीछे भागना: WhatsApp और Telegram पर “मुहूर्त पिक्स” और “दिवाली पर 100% रिटर्न” जैसे मैसेज बहुत आते हैं। SEBI में रजिस्टर्ड न होने वाले लोगों की सलाह पर पैसा न लगाएं।
  • कर्ज़ लेकर या इमरजेंसी फंड तोड़कर निवेश: शगुन के नाम पर ज़रूरी पैसा दांव पर न लगाएं। पहले अपना इमरजेंसी फंड तैयार रखें।
  • पेनी स्टॉक्स में “सस्ता” समझकर पैसा लगाना: भाव कम होने का मतलब शेयर सस्ता होना नहीं है। ऐसे शेयरों में उतार-चढ़ाव और जोखिम बहुत ज़्यादा होता है।
  • इंट्राडे और डिलीवरी में गड़बड़: गलती से MIS चुन लिया, तो “लंबे समय वाला” शेयर उसी दिन बिक सकता है।

उदाहरण: दिनेश जी और प्रिया ने क्या प्लान बनाया?

अब वापस जयपुर चलते हैं। प्रिया ने पापा के साथ बैठकर एक छोटा-सा प्लान बनाया। यह सिर्फ़ समझाने के लिए एक उदाहरण है, कोई निवेश सलाह नहीं।

  • कुल बजट: ₹5,000 — इतनी रकम जिसके ऊपर-नीचे होने से घर का बजट नहीं बिगड़ेगा।
  • दिवाली से एक हफ़्ता पहले: दिनेश जी के नाम से डीमैट खाता खुलवाया और नॉमिनी जोड़ा।
  • दिवाली से एक दिन पहले: ₹5,000 ट्रेडिंग खाते में डाल दिए।
  • क्या खरीदना है: एक बड़े इंडेक्स (जैसे निफ्टी 50) को ट्रैक करने वाले ETF की कुछ यूनिट्स, ताकि एक ही कंपनी पर पूरा दांव न लगे।
  • ऑर्डर का तरीका: डिलीवरी (CNC) + लिमिट ऑर्डर।
  • आगे की योजना: मुहूर्त की खरीद को शुरुआत मानकर दिनेश जी हर महीने ₹2,000 की SIP शुरू करेंगे, ताकि पूरा निवेश एक दिन के भाव पर निर्भर न रहे।

इस प्लान की खूबी यह है कि इसमें “कितना कमाएंगे” से ज़्यादा ध्यान “कैसे निवेश करेंगे” पर है। रकम छोटी है, विविधता है, और आगे के लिए नियमित निवेश की आदत बन रही है। अगर आप भी त्योहार पर निवेश के दूसरे विकल्प देख रहे हैं, तो सोने में निवेश कैसे करें 2026 और चांदी में निवेश कैसे करें 2026 भी पढ़ें।

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 के लिए आपकी चेकलिस्ट

  1. डीमैट और ट्रेडिंग खाता एक्टिव है, लॉगिन और TPIN/OTP काम कर रहा है।
  2. NSE/BSE का 2026 वाला आधिकारिक सर्कुलर देखकर समय नोट कर लिया है।
  3. फ़ोन पर उस समय का अलार्म लगा दिया है।
  4. निवेश की रकम पहले से ट्रेडिंग खाते में है।
  5. खरीदने वाले शेयर/ETF वॉचलिस्ट में जोड़ लिए हैं।
  6. ऑर्डर टाइप: डिलीवरी (CNC) और लिमिट ऑर्डर तय है।
  7. रकम ऐसी है जिसके घटने से घर का बजट या इमरजेंसी फंड प्रभावित नहीं होगा।
  8. 10 नवंबर 2026 की बाज़ार छुट्टी को अपनी प्लानिंग में शामिल कर लिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 किस दिन है?

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को दिवाली लक्ष्मी पूजन के दिन होगी। इसी दिन से संवत 2083 की शुरुआत होगी।

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का समय क्या है?

13 अक्टूबर 2026 तक NSE और BSE ने सटीक समय घोषित नहीं किया है। एक्सचेंज अलग सर्कुलर से समय बताएंगे। 2024 में यह शाम 6 से 7 बजे और 2025 में दोपहर 1:45 से 2:45 बजे तक था, इसलिए पुराने साल का समय मानकर न चलें।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में खरीदे गए शेयर सच में डीमैट में आते हैं?

हां। यह एक असली ट्रेडिंग सेशन है। इसमें हुए सभी सौदों पर सामान्य सेटलमेंट होता है, यानी खरीदे गए शेयर आपके डीमैट खाते में आते हैं और बेचे गए शेयरों का पैसा आपके खाते में आता है।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकते हैं?

हां, इंट्राडे ट्रेडिंग की जा सकती है, लेकिन ब्रोकर सेशन खत्म होने से पहले इंट्राडे पोज़ीशन अपने-आप बंद कर सकते हैं। कम वॉल्यूम और तेज़ उतार-चढ़ाव के कारण इसमें जोखिम ज़्यादा होता है।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में अलग चार्ज लगता है?

नहीं, कोई अलग विशेष फीस नहीं लगती। आम दिनों की तरह ब्रोकरेज, STT, एक्सचेंज चार्ज, स्टैंप ड्यूटी और GST लगते हैं। अपने ब्रोकर की चार्ज लिस्ट एक बार ज़रूर देख लें।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में म्यूचुअल फंड खरीद सकते हैं?

म्यूचुअल फंड की यूनिट्स का भाव (NAV) दिन के अंत में तय होता है और उनका लेन-देन कट-ऑफ समय और कार्यदिवस के नियमों से चलता है, इसलिए रविवार के मुहूर्त सेशन पर लगाया गया म्यूचुअल फंड ऑर्डर उसी दिन की NAV पर नहीं होगा। अगर आप उसी सेशन में निवेश करना चाहते हैं, तो एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले ETF एक विकल्प हैं।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में बाज़ार हमेशा ऊपर बंद होता है?

नहीं, ऐसी कोई गारंटी नहीं है। कई सालों में बाज़ार हरे निशान में बंद हुआ है, तो कुछ सालों में गिरावट भी देखी गई है। एक घंटे का प्रदर्शन पूरे साल का संकेत नहीं होता।

मुहूर्त ट्रेडिंग में कितना पैसा लगाना चाहिए?

इसकी कोई तय रकम नहीं है। सामान्य समझ यही है कि उतनी ही रकम लगाएं जिसके घटने-बढ़ने से आपका घरेलू बजट, EMI या इमरजेंसी फंड प्रभावित न हो। आपकी ज़रूरत और जोखिम क्षमता के हिसाब से फ़ैसला SEBI-रजिस्टर्ड सलाहकार से भी लिया जा सकता है।

आख़िरी बात

मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय परंपरा और आधुनिक शेयर बाज़ार का एक सुंदर मेल है। दिनेश जी जैसे लोगों के लिए यह नई बही खोलने जैसा है, और प्रिया जैसे नए निवेशकों के लिए अनुशासित निवेश की शुरुआत का एक अच्छा मौक़ा। लेकिन याद रखें — शुभ मुहूर्त आपकी शुरुआत को यादगार बना सकता है, आपके निवेश की सफलता तय नहीं करता। सफलता आती है सही रकम, सही विकल्प, विविधता और सबसे ज़्यादा — लगातार निवेश की आदत से।

8 नवंबर 2026 से पहले NSE या BSE का आधिकारिक सर्कुलर ज़रूर देखें, अपनी चेकलिस्ट पूरी करें, और शगुन का निवेश सोच-समझकर करें। दिवाली के बाकी आर्थिक फ़ैसलों — बोनस, खरीदारी और टैक्स — के लिए हमारी धनतेरस और दिवाली 2026 मनी गाइड भी पढ़ें।

यह भी पढ़ें

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, इसे निवेश सलाह न मानें। शेयर बाज़ार में निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है और पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय, सेटलमेंट और छुट्टियों से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए NSE/BSE के आधिकारिक सर्कुलर देखें। टैक्स नियमों के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट या अपने CA से पुष्टि करें। निवेश से पहले SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह लें। Moneycontrol24.com (Hindi Finance Hub) एक स्वतंत्र वेबसाइट है और इसका Moneycontrol.com से कोई संबंध नहीं है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Share Market Live
LIVE
Mon-Fri 9:15 AM - 3:30 PM IST | TradingView