Best ETFs for Beginners in 2026

Best ETFs for Beginners

वर्ष 2026 में, निवेश करना बहुत आसान हो गया है। Best ETFs for Beginners शुरुआत करने का एक अच्छा तरीका है। ये फंड कम जोखिम के साथ बाजार का फायदा उठाने में मदद करते हैं।

विविधीकरण सफल निवेश की कुंजी है। ETFs के माध्यम से आप कई कंपनियों में एक साथ निवेश कर सकते हैं। यह आपके जोखिम को कम करता है। इस लेख में, 2026 के बाजार परिदृश्य को समझने और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

हम बुनियादी सिद्धांतों पर चर्चा करेंगे। ये आपको एक समझदार निवेशक बनने में मदद करेंगे। सही रणनीति से आप अपने भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं।

मुख्य निष्कर्ष

  • 2026 में ETF नए निवेशकों के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प हैं।
  • विविधीकरण के जरिए आप अपने पोर्टफोलियो के जोखिम को कम कर सकते हैं।
  • बाजार के रुझानों को समझना सफल निवेश की पहली सीढ़ी है।
  • कम लागत और पारदर्शिता ETF की सबसे बड़ी विशेषताएं हैं।
  • अनुशासित निवेश ही लंबी अवधि में धन सृजन का सही तरीका है।

ETF निवेश की बुनियादी समझ

ETF निवेश की बुनियादी समझ विकसित करना आपके वित्तीय भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। यह निवेश का एक आधुनिक तरीका है। यह आपको कम जोखिम के साथ बाजार में भागीदारी करने का मौका देता है।

यदि आप शेयर बाजार में नए हैं, तो etf investing आपके लिए एक सरल और प्रभावी शुरुआत हो सकती है।

ETF क्या है और यह कैसे काम करता है?

ETF का पूरा नाम एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है। यह एक प्रकार की निवेश बास्केट है। इसमें कई कंपनियों के शेयर या अन्य संपत्तियां शामिल होती हैं।

यह बिल्कुल किसी म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है। लेकिन इसे स्टॉक एक्सचेंज पर शेयरों की तरह खरीदा और बेचा जा सकता है।

जब आप किसी ETF में पैसा लगाते हैं, तो आप वास्तव में कई कंपनियों के शेयरों में निवेश कर रहे होते हैं। यह विविधीकरण (Diversification) का एक शानदार तरीका है।

यह आपके पोर्टफोलियो के जोखिम को कम करने में मदद करता है। etf investing की सबसे बड़ी खूबी इसकी सरलता और पारदर्शिता है।

म्यूचुअल फंड और ETF के बीच मुख्य अंतर

निवेशकों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि म्यूचुअल फंड और ETF में से क्या बेहतर है। मुख्य अंतर यह है कि म्यूचुअल फंड की इकाइयां दिन के अंत में नेट एसेट वैल्यू (NAV) पर खरीदी या बेची जाती हैं।

इसके विपरीत, ETF को बाजार के घंटों के दौरान किसी भी समय लाइव कीमतों पर ट्रेड किया जा सकता है।

नीचे दी गई तालिका आपको इन दोनों के बीच के अंतर को समझने में मदद करेगी:

विशेषता म्यूचुअल फंड ETF
ट्रेडिंग का समय बाजार बंद होने के बाद बाजार के घंटों के दौरान
मूल्य निर्धारण दिन के अंत में (NAV) लाइव मार्केट प्राइस
लागत अपेक्षाकृत अधिक अपेक्षाकृत कम
न्यूनतम निवेश कम राशि से संभव एक शेयर की कीमत

जैसा कि आप देख सकते हैं, etf investing उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो बाजार की गतिविधियों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहना चाहते हैं। अपनी निवेश रणनीति को बेहतर बनाने के लिए इन बुनियादी अंतरों को समझना बहुत जरूरी है।

Best ETFs for Beginners: 2026 के लिए शीर्ष विकल्प

2026 में निवेश शुरू करने के लिए सही ETF चुनना बहुत महत्वपूर्ण है। नए निवेशकों के लिए बाजार में कई विकल्प हैं। लेकिन, Best ETFs for Beginners चुनते समय स्थिरता और विकास को देखना जरूरी है।

Nifty 50 इंडेक्स फंड्स

Nifty 50 इंडेक्स फंड्स 2026 में नए निवेशकों के लिए सबसे अच्छे विकल्प हैं। 2026 की पहली तिमाही में ये फंड्स बेहद स्थिर प्रदर्शन दिखाए हैं।

ये फंड्स भारत की शीर्ष 50 कंपनियों में निवेश करते हैं। इससे आपको बाजार की समग्र वृद्धि का लाभ मिलता है। यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो कम जोखिम के साथ लंबी अवधि का धन बनाना चाहते हैं।

गोल्ड ETF (Gold ETFs)

बाजार में अस्थिरता के समय गोल्ड ETF आपके पोर्टफोलियो की रक्षा करते हैं। इनका उपयोग हेजिंग (Hedging) के लिए किया जा सकता है। इससे आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाव होता है।

सोने में निवेश करने का यह डिजिटल तरीका भौतिक सोने की तुलना में अधिक पारदर्शी और सुरक्षित है। 2026 में, अपने निवेश को संतुलित रखने के लिए इसे एक अनिवार्य हिस्सा माना जा रहा है।

इंटरनेशनल और सेक्टर-स्पेसिफिक ETF

इंटरनेशनल ETF आपको वैश्विक बाजारों में विकास का लाभ उठाने का अवसर देते हैं। ये फंड्स आपको अमेरिकी या अन्य विकसित बाजारों की दिग्गज कंपनियों में निवेश करने की सुविधा प्रदान करते हैं।

इसके अलावा, सेक्टर-स्पेसिफिक ETF आपको विशिष्ट उद्योगों जैसे कि आईटी, फार्मा या बैंकिंग में निवेश करने की अनुमति देते हैं। ये विकल्प थोड़े अधिक जोखिम वाले हो सकते हैं। लेकिन, सही जानकारी के साथ ये Best ETFs for Beginners की सूची में एक अच्छा अतिरिक्त हो सकते हैं।

ETF में निवेश करने के मुख्य लाभ और जोखिम

एक समझदार निवेशक के रूप में, आपको etf investing के फायदे और चुनौतियों का विश्लेषण करना चाहिए। किसी भी वित्तीय साधन में पैसा लगाने से पहले उसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को समझना आपकी सफलता की पहली सीढ़ी है।

कम लागत और पारदर्शिता के फायदे

ETF में निवेश करने का सबसे बड़ा लाभ इसका कम एक्सपेंस रेशियो है। ये फंड इंडेक्स को ट्रैक करते हैं, जिससे इनका प्रबंधन शुल्क कम होता है। यह आपके दीर्घकालिक रिटर्न को बढ़ाता है।

पारदर्शिता का अर्थ है कि आप जानते हैं कि आपका पैसा कहां निवेश किया गया है। आप किसी भी समय अपने पोर्टफोलियो की जांच कर सकते हैं। यह स्पष्टता निवेशकों के बीच विश्वास पैदा करती है।

बाजार के उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी जोखिम

हालांकि, बाजार के उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी जोखिम को समझना भी महत्वपूर्ण है। बाजार में हलचल आपके निवेश के मूल्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, आपको धैर्य बनाए रखना चाहिए।

कुछ छोटे या कम लोकप्रिय ETF में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में, आपको अपनी यूनिट्स को मनचाही कीमत पर बेचने में कठिनाई हो सकती है। इसे लिक्विडिटी जोखिम कहा जाता है।

विशेषता लाभ जोखिम
लागत कम एक्सपेंस रेशियो छिपी हुई ब्रोकरेज लागत
पारदर्शिता पोर्टफोलियो की स्पष्ट जानकारी बाजार की अस्थिरता
लिक्विडिटी शेयर बाजार में आसान ट्रेडिंग कम वॉल्यूम वाले ETF में समस्या

अपना डीमैट और ट्रेडिंग खाता कैसे खोलें

शेयर बाजार में अपनी यात्रा शुरू करने के लिए डीमैट और ट्रेडिंग खाता बहुत जरूरी है। यह खाता आपको ETF खरीदने और बेचने की सुविधा देता है। डिजिटल युग में, खोलने की प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो गई है।

डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलना

सही ब्रोकर का चयन कैसे करें

एक भरोसेमंद ब्रोकर चुनना बहुत महत्वपूर्ण है। आपको कम ब्रोकरेज शुल्क वाला और आसान ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चुनना चाहिए। एक अच्छा प्लेटफॉर्म आपको समझने में आसान होना चाहिए और उपयोग करना भी सुविधाजनक होना चाहिए।

ब्रोकर की ग्राहक सेवा की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। यदि आपको समस्या आती है, तो एक सक्रिय सपोर्ट टीम आपकी मदद कर सकती है। अच्छी बाजार प्रतिष्ठा और पारदर्शिता वाले ब्रोकरों को प्राथमिकता दें।

KYC प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

खाता खोलने की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल है। आप घर बैठे इसे पूरा कर सकते हैं। KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया से गुजरना आपकी पहचान और पते के सत्यापन के लिए जरूरी है।

खाता खोलने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • पैन कार्ड: यह आपकी पहचान के लिए अनिवार्य है।
  • आधार कार्ड: ई-केवाईसी (e-KYC) के लिए आधार कार्ड का होना जरूरी है।
  • बैंक विवरण: आपके बैंक खाते का कैंसिल चेक या स्टेटमेंट, जो निवेश के लिए लिंक किया जाएगा।

इन दस्तावेजों को अपलोड करने के बाद, ब्रोकर द्वारा इनका सत्यापन किया जाता है। सत्यापन सफल होने के बाद, आपका ट्रेडिंग खाता सक्रिय हो जाता है। आप अपना पहला ETF निवेश शुरू करने के लिए तैयार हो जाते हैं।

सही ETF का चुनाव करने की प्रक्रिया

ETF चुनना निवेश सफर का एक महत्वपूर्ण कदम है। बाजार में कई विकल्प हैं, लेकिन कुछ बातें जानना जरूरी है। Best ETFs for Beginners ढूंढते समय, उनके प्रदर्शन और लागत पर ध्यान दें।

एक्सपेंस रेशियो और ट्रैकिंग एरर की जांच

निवेश करते समय एक्सपेंस रेशियो देखें। यह आपके मुनाफे को प्रभावित करता है। कम एक्सपेंस रेशियो से आपका निवेश अधिक बना रहता है।

ट्रैकिंग एरर भी महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि ETF अपने इंडेक्स को कैसे फॉलो कर रहा है। अच्छा ETF वह है जिसका ट्रैकिंग एरर कम हो।

एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का महत्व

एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) दिखाता है कि ETF में कितनी पूंजी निवेशित है। उच्च AUM वाले ETF अधिक लिक्विडिटी और स्थिरता देते हैं। यह नए निवेशकों के लिए अच्छा है।

सही चुनाव के लिए, इन बिंदुओं को अपनी चेकलिस्ट में शामिल करें:

  • कम एक्सपेंस रेशियो: कम लागत वाले फंड चुनें।
  • न्यूनतम ट्रैकिंग एरर: इंडेक्स के साथ तालमेल की जांच करें।
  • उच्च AUM: बेहतर लिक्विडिटी और सुरक्षा सुनिश्चित करें।
  • इंडेक्स की प्रकृति: फंड किस इंडेक्स को ट्रैक कर रहा है।

अंत में, Best ETFs for Beginners चुनते समय धैर्य रखें। बाजार के आंकड़ों का विश्लेषण करें और अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार निर्णय लें।

निवेश का ऑर्डर कैसे प्लेस करें

ETF खरीदने की प्रक्रिया ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर बहुत सरल है। बस सही ऑर्डर चुनें। जब आप डीमैट खाते में लॉग इन करते हैं, तो कई विकल्प दिखाई देंगे।

इन विकल्पों को समझने से आपका निवेश प्रभावी और सुरक्षित हो सकता है।

निवेश का ऑर्डर कैसे प्लेस करें

मार्केट ऑर्डर बनाम लिमिट ऑर्डर

ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर देते समय मार्केट और लिमिट ऑर्डर का अंतर जानना जरूरी है। मार्केट ऑर्डर का उपयोग तब होता है जब आप तुरंत निवेश करना चाहते हैं।

यह निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो कीमत में थोड़ा अंतर की परवाह नहीं करते।

लिमिट ऑर्डर आपको एक विशिष्ट मूल्य पर खरीदने की अनुमति देता है। आपका ऑर्डर केवल तब पूरा होगा जब ETF की कीमत आपके निर्धारित स्तर तक पहुंच जाए।

यह आपको खरीद लागत को नियंत्रित करने में मदद करता है।

विशेषता मार्केट ऑर्डर लिमिट ऑर्डर
निष्पादन की गति तुरंत कीमत आने पर
मूल्य नियंत्रण नहीं हाँ
उपयोग का उद्देश्य त्वरित खरीद सटीक मूल्य पर खरीद

ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करना

आजकल, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करना बहुत आसान है। सबसे पहले, अपने ब्रोकर के ऐप या वेबसाइट में लॉग इन करें।

फिर, उस ETF को सर्च करें जिसे आप खरीदना चाहते हैं। ‘Buy’ बटन पर क्लिक करें और अपनी पसंद का ऑर्डर टाइप चुनें।

ऑर्डर प्लेस करने से पहले क्वांटिटी और प्राइस की जांच करें। ‘Confirm’ बटन दबाने पर, आपका ऑर्डर एक्सचेंज को भेज दिया जाएगा।

आप अपने प्लेटफॉर्म के ‘Order Book’ सेक्शन में जाकर अपने ऑर्डर की स्थिति देख सकते हैं।

पोर्टफोलियो को ट्रैक और रीबैलेंस करना

क्या आप जानते हैं कि नियमित रूप से निवेश की समीक्षा करना बहुत महत्वपूर्ण है? निवेश की दुनिया में पैसा लगाना ही पर्याप्त नहीं है। अपने पोर्टफोलियो की निगरानी भी आवश्यक है। यह आपको यह जानने में मदद करता है कि आपके निवेश आपके वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार कैसे चल रहे हैं।

निवेश के प्रदर्शन की समीक्षा

निवेश के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा करना महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करता है कि आप सही रास्ते पर हैं। हर तीन या छह महीने में अपने पोर्टफोलियो की जांच करें। अनुशासन के साथ की गई समीक्षा आपको बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने में मदद करती है।

यदि कोई विशेष एसेट क्लास उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहा है, तो उसके कारणों का विश्लेषण करें। निवेश का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं है, बल्कि जोखिम को नियंत्रित करना भी है। अपनी प्रगति को ट्रैक करने के लिए ब्रोकर द्वारा प्रदान किए गए डैशबोर्ड का उपयोग करें।

पोर्टफोलियो को कब और कैसे रीबैलेंस करें

जब किसी विशेष एसेट क्लास का वजन बढ़ जाए, तो पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करना आवश्यक है। रीबैलेंसिंग का अर्थ है अपने पोर्टफोलियो को वापस उसके मूल एसेट एलोकेशन पर लाना। यह प्रक्रिया जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक रिटर्न को अनुकूलित करने में मदद करती है।

उदाहरण के लिए, यदि इक्विटी का हिस्सा बढ़ गया है, तो आप कुछ लाभ बुक करके उसे डेट या गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। नीचे दी गई तालिका आपको रीबैलेंसिंग के महत्व को समझने में मदद करेगी:

स्थिति प्रभाव सुझाव
इक्विटी का वजन बढ़ना जोखिम में वृद्धि मुनाफा वसूली करें
लक्ष्य से कम रिटर्न लक्ष्य में देरी पोर्टफोलियो की समीक्षा करें
बाजार में भारी गिरावट पोर्टफोलियो असंतुलन एसेट एलोकेशन ठीक करें
दीर्घकालिक लक्ष्य स्थिरता अनुशासित बने रहें

रीबैलेंसिंग करते समय टैक्स और ट्रांजैक्शन शुल्क का ध्यान रखें। अनावश्यक ट्रेडिंग से बचें। धैर्य और सही रणनीति के साथ, आप अपने पोर्टफोलियो को हमेशा संतुलित रख सकते हैं।

ETF निवेश के लिए एक्सपर्ट टिप्स

क्या आप जानते हैं कि etf investing में धैर्य और सही रणनीति ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है? बाजार में उतार-चढ़ाव आना एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन एक समझदार निवेशक वही है जो इन बदलावों से घबराता नहीं है।

etf investing

अनुशासन और लंबी अवधि का नजरिया

निवेश की दुनिया में अनुशासन ही वह चाबी है जो आपको वित्तीय स्वतंत्रता के करीब ले जाती है। लंबी अवधि के निवेश से आपका धन तेजी से बढ़ता है।

बाजार के समय को मापने की कोशिश करने के बजाय, अपनी निवेश योजना पर टिके रहना जरूरी है। etf investing का मुख्य उद्देश्य बाजार की अस्थिरता को नजरअंदाज करके अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना है।

SIP के माध्यम से निवेश का लाभ

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP नए निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प है। यह रणनीति आपको बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने में मदद करती है।

नियमित रूप से निवेश करने से आपको रुपये की औसत लागत (Rupee Cost Averaging) का लाभ मिलता है। बाजार गिरने पर अधिक यूनिट्स मिलती हैं और बढ़ने पर निवेश का मूल्य बढ़ता है।

नियमित निवेश की आदत विकसित करना सफलता का सबसे सरल मार्ग है। etf investing के साथ SIP का उपयोग करके आप बिना किसी तनाव के अपने भविष्य के लिए एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं।

सामान्य गलतियाँ जिनसे आपको बचना चाहिए

एक समझदार निवेशक बाजार की गलतियों को पहचानता है। etf investing में सही रणनीति का पालन करना जरूरी है। इससे आपके वित्तीय लक्ष्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अत्यधिक ट्रेडिंग से बचें

नए निवेशक अक्सर बाजार के उतार-चढ़ाव में फंस जाते हैं। इसे ‘ओवर-ट्रेडिंग’ कहा जाता है। यह आपके निवेश को नुकसान पहुंचा सकता है।

बहुत अधिक ट्रेडिंग करने से कई समस्याएं हो सकती हैं:

  • ब्रोकरेज शुल्क: हर ट्रेड पर ब्रोकर को शुल्क देना पड़ता है। यह आपके मुनाफे को कम करता है।
  • टैक्स का बोझ: बार-बार मुनाफा बुक करने से अधिक टैक्स देना पड़ सकता है।
  • लक्ष्य से भटकाव: बार-बार बदलाव से आप अपने लक्ष्य से दूर हो सकते हैं।

विविधीकरण (Diversification) की अनदेखी

कई लोग एक ही सेक्टर में पूरा पैसा लगाते हैं। यह बहुत बड़ी गलती है। etf investing में विविधीकरण बहुत जरूरी है।

विविधीकरण की अनदेखी से आपका पोर्टफोलियो जोखिम में पड़ सकता है। यदि एक सेक्टर में गिरावट आती है, तो आपका पूरा निवेश प्रभावित हो सकता है। विभिन्न एसेट क्लासेस में निवेश फैलाकर रखें ताकि जोखिम को कम किया जा सके।

निष्कर्ष

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) नए निवेशकों के लिए एक आसान और सस्ता विकल्प हैं। इस लेख से आप बाजार को समझ सकते हैं और अच्छा निर्णय ले सकते हैं।

ETF सुरक्षित हैं और आप डिविडेंड प्राप्त कर सकते हैं। आप कभी भी अपना पैसा निकाल सकते हैं।

न्यूनतम निवेश और टैक्स नियम जानना भी महत्वपूर्ण है। सही ब्रोकर चुनकर आप अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।

आपकी निवेश यात्रा आज से शुरू हो सकती है। सही ETF चुनें और लंबी अवधि के लिए निवेश करें। अपने पोर्टफोलियो को समय-समय पर देखें।

FAQ

क्या ETF में निवेश करना सुरक्षित है?

ETF में निवेश करना व्यक्तिगत शेयरों की तुलना में सुरक्षित है। यह आपको विविधीकरण प्रदान करता है।

जैसे कि Nifty 50 ETF में पैसा लगाना, आपका निवेश 50 बड़ी कंपनियों में बांट जाता है। इससे किसी एक कंपनी के विफल होने पर जोखिम कम हो जाता है।

ETF में निवेश शुरू करने के लिए न्यूनतम कितनी राशि की आवश्यकता होती है?

ETF में निवेश करने के लिए कोई बड़ी राशि नहीं लगती। आप एक ETF की एक यूनिट से शुरू कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, Nippon India Nifty 50 BeES की कीमत ₹280 है। इसलिए, आप सिर्फ ₹280 से शुरू कर सकते हैं। आपको Zerodha या Groww जैसे ब्रोकर के पास Demat Account की जरूरत होगी।

क्या मुझे ETF निवेश पर डिविडेंड (लाभांश) मिलेगा?

हाँ, ETF में निवेश पर डिविडेंड मिल सकता है। यदि ETF की कंपनियाँ डिविडेंड देती हैं, तो आपको भी मिलेगा।

फंड हाउस डिविडेंड को वापस स्कीम में निवेश कर देते हैं। इससे आपके निवेश की मूल्य बढ़ जाती है, या आपके बैंक खाते में जमा हो जाता है।

ETF पर टैक्स (कर) की गणना कैसे की जाती है?

ETF पर टैक्स शेयरों की तरह लगता है। एक साल से पहले बेचने पर 20% टैक्स लगता है।

एक साल बाद बेचने पर ₹1.25 लाख से अधिक मुनाफे पर 12.5% टैक्स लगता है। गोल्ड और सिल्वर ETF के लिए टैक्स आपकी इनकम स्लैब पर लगता है।

क्या मैं कभी भी अपना पैसा ETF से निकाल सकता हूँ?

जी हाँ, ETF में तरलता बहुत अधिक है। आप शेयर बाजार के खुलने के समय कभी भी अपनी यूनिट्स बेच सकते हैं।

बिक्री के बाद पैसा आपके खाते में आता है। आप इसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं।

निवेश के लिए सही ETF का चुनाव कैसे करें?

सही ETF चुनने के लिए दो बातें ध्यान दें। एक है Expense Ratio और दूसरा है Tracking Error।

Expense Ratio वह फीस है जो फंड मैनेजर आपसे लेता है। यह कम होने पर आपका मुनाफा अधिक होगा। Tracking Error यह दर्शाता है कि ETF अपने बेंचमार्क कितनी सटीकता से नकल कर रहा है।

हमेशा कम ट्रैकिंग एरर और उच्च AUM वाले ETF को चुनें।

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